जिन्दगी पन्नों में …

जिन्दगी की राहों में चलते चलते ख्वाबों और एहसासों को दिल में समेटे हुए जिन्दगी आज खुद ही कहीं उलझ गयी,
बस अपनों शब्दों के माध्यम से सुलझाने की एक कोशिश कर रहा हूँ, साथ ही आपके सहयोग की अपेक्षा रखता हूँ |

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